Pt Samta Prasad ji Tabla
पं ० शाम्ता प्रसाद वाराणसी के सुप्रसिद्ध तबला वादक पं ० शाम्ता प्रसाद अपने उपनाम " गुदई महाराज " के नाम से संगीत जगत में अधिक प्रसिद्ध हैं । आपका जन्म वाराणसी संगीतज्ञों के मुहल्ले कबीर - चौरा में जुलाई सन् १६२१ ई ० में हुआ । आपके पिता का नाम पंडित वाचा मिश्र था । वाचा महाराज अपने समय के प्रसिद्ध तबला वादकों में से थे । परन्तु दुर्भाग्यवश बालक शान्ता आठ वर्ष की छोटी उम्र में ही पिता की छत्रछाया से वंचित हो गए । इस प्रकार से पिता से कुछ ही दिन शिक्षा प्राप्त कर पाये थे । फलतः गुदई महराज को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा । कुछ दिनों के बाद आप पंडित बलदेव सहाय जी के शिष्य पं ० महराज से तालीम लेने लगे । यह क्रम कई वर्षों तक चलता रहा । पं ० शाम्ता प्रसाद बचपन से ही घोर परिश्रमी थे । अतः अपने परिश्रम से गुरू को सब कुछ सिखा देने के लिए बाध्य कर दिया । आपका जीवन आरम्भ से ही अत्यन्त संघर्षपूर्ण रहा है । परन्तु जिस साहस और कठिनाई से आपने उसका सामना किया वह दूसरों के लिए आज आदर्श बन गया है । पं ० शाम्ता प्रसाद की ख्याति इलाहाबाद के सन् १६४२ के संगीत सम्मे लन से बढ़ी । यह आपके जीव...