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मंदिरों का योगदान

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मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां लाखों लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के उद्देश्य से परमात्मा के दर्शन करने के लिए बड़ी श्रद्धा से आते हैं| मंदिर एक ऐसा स्थान है यहां एक समय पर आपको हर संप्रदाय से जुड़े हुए लोग अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग अलग-अलग राज्यों के लोग हर जाति के लोग आपको एक ही स्थान पर आसानी से मिल जाएंगे| क्योंकि समय के साथ साथ लोग जागरूक हो चुके हैं इसीलिए कोई भी मंदिर मस्जिद मैं भेज नहीं समझता और सभी लोग अपने मित्रों के साथ अपने परिवार के साथ प्रसन्नता पूर्वक मंदिर भी जाते हैं मस्जिद भी जाते हैं गिरजाघर भी जाते हैं और बड़ी श्रद्धा से जाते हैं यह बात यह व्यवहार लोगों को आपस में कहीं ना कहीं जोड़ती है जब हर धर्म के लोग कहीं ना कहीं किसी एक स्थान पर मिलते हैं किसी एक मंदिर में| मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां सभी धर्मों के लोगों के होने की पूरी पूरी संभावना होती है इसलिए मंदिर में होने वाले कार्यक्रम के द्वारा वहां कहीं जाने वाली बातों के द्वारा आप एक स्थान से बहुत सारे लोगों को किसी अच्छे उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिससे समाज का कल्याण हो लोग आपस में एक दूसरे ...

Steve jobs and tample

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( मंदिर का प्रसाद ) आप सभी ने स्टीव जॉब्स का नाम तो सुना ही होगा महान व्यक्ति महान जब बनता है जब वह अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा साधारण लोगों से संपर्क में रहता है ऐसा  करने से उस व्यक्ति को जनसाधारण की सोच का पता चलता है और समाज की स्थिति और सोच को समझ कर उनके लिए कुछ करने का प्रयास करता है . स्टीव जॉब्स एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने सफलताओं की ऊंचाइयों हासिल की जहां पहुंचकर लोग अपने बुरे वक्त को भूल जाते हैं या उन्हें याद ही नहीं करना चाहते. स्टीव जॉब्स जब कॉलेज में पढ़ते थे तब उन्के पास इतना पैसा नहीं था कि वह अपने किराए के मकान का किराया भी भर पाए और इसलिए वह कॉलेज में ही रुक जाया करते थे तथा सोया करते थे.  शायद कुछ लोगों को पता ना हो पर अपना पेट भरने के लिए 10 किलोमीटर दूर भगवान कृष्ण के मंदिर  प्रभुपाद द्वारा बनवाया गया था जिसे हम इस्कॉन टेंपल के नाम से जानते हैं,  जॉब्स वहां जाकर सवेरे और शाम को मिलने वाला खिचड़ी प्रसाद खाया करते थे 10 साल तक कृष्ण मंदिर का प्रसाद खा कर अपना पेट भरा | जब किसी व्यक्ति पर परमेश्वर की कृपा ...