मंदिरों का योगदान
मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां लाखों लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के उद्देश्य से
परमात्मा के दर्शन करने के लिए बड़ी श्रद्धा से आते हैं|
मंदिर एक ऐसा स्थान है
यहां एक समय पर आपको हर संप्रदाय से जुड़े हुए लोग अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग
अलग-अलग राज्यों के लोग हर जाति के लोग आपको एक ही स्थान पर आसानी से मिल जाएंगे|
क्योंकि समय के साथ साथ लोग जागरूक हो चुके हैं इसीलिए कोई भी मंदिर मस्जिद मैं
भेज नहीं समझता और सभी लोग अपने मित्रों के साथ अपने परिवार के साथ प्रसन्नता
पूर्वक मंदिर भी जाते हैं मस्जिद भी जाते हैं गिरजाघर भी जाते हैं और बड़ी
श्रद्धा से जाते हैं यह बात यह व्यवहार लोगों को आपस में कहीं ना कहीं जोड़ती है
जब हर धर्म के लोग कहीं ना कहीं किसी एक स्थान पर मिलते हैं किसी एक मंदिर में|
मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां सभी धर्मों के लोगों के होने की पूरी पूरी संभावना
होती है इसलिए मंदिर में होने वाले कार्यक्रम के द्वारा वहां कहीं जाने वाली
बातों के द्वारा आप एक स्थान से बहुत सारे लोगों को किसी अच्छे उद्देश्य की
पूर्ति के लिए जिससे समाज का कल्याण हो लोग आपस में एक दूसरे से जुड़े इस तरह की
जागरूकता फैलाने के लिए मंदिर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है या निभा सकता है|
क्योंकि हम लोग अपने दैनिक जीवन में कभी कभी कुछ मूवी बातों को भूल जाते हैं कभी
कभी अपने संस्कार भूल जाते हैं अपने रीति रिवाज भूल जाते हैं पर जैसे ही हम मंदिर
मैं प्रवेश करते हैं तो वहां का वातावरण वहां की पवित्रता हमारे ऊपर एक अलग असर
डालती है और हमें कुछ समय के लिए बांधे कर देती है कि हम अपने जीवन को बदलें और
स्वच्छता और पवित्रता के प्रति जागरूक हो परमेश्वर की आराधना करें .
धन्यवाद
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