Musical history of India
भारतीय सङ्गीत का इतिहास सङ्गीत को उत्पत्ति के विषय में कुछ भी निश्चित् रूप से कहा नहीं जा सकता । इसकी उत्पत्ति का समय तो मानव - सभ्यता के विकास का प्रारम्भिक समय माना जा सकता है और यह कैसे हुई , यह भी कहना कठिन है ।इस विषय पर भारतीय और पाश्चात्य विद्वानों ने अपने अलग - अलग विचार दिये हैं , जो एक दूसरे से भिन्न हैं । अतः किसी एक निष्कर्ष पर पहुँचना कठिन है । विशेष रूप से हिन्दुओं ने सङ्गीत की उत्पत्ति का सम्बन्ध देवी - देवताओं से जोड़ रक्खा है । कुछ विद्वानों का कथन है कि सङ्गीत की उत्पत्ति वेदों के निर्माता ब्रह्मा जी ने की । ब्रह्मा जी ने यह कला शिव जी को , शिव जी ने देवी सरस्वती को और सरस्वती जी ने नारद को प्रदान किया । ( Advertisement ) नारद जी स्वर्ग के गन्धर्व , किन्नर एवं अप्सराओं को यह शिक्षा दी । फिर भरत , नारद और हनुमान आदि ऋषि इस कला में पारंगत होकर भूलोक पर आये और इसका प्रचार किया । एक ग्रन्थकार के अनुसार नारद जी ने अनेक वर्षों तक योग - साधना की , तब शङ्कर जो प्रसन्न होकर उनको सङ्गीत का वरदान दिया । ...